अध्याय 18 श्लोक 69
इस संसार में उसकी अपेक्षा कोई अन्य सेवक न तो मुझे अधिक प्रिय है और न कभी होगा |
अध्याय 18 : उपसंहार - संन्यास की सिद्धि
श्लोक 18.69 न च तस्मान्मनुष्येषु कश्र्चिन्मे प्रियकृत्तमः |
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मुझे सांवरे के दर से कुछ खास मिल गया है हिंदी भजन
मुझे सांवरे के दर से कुछ खास मिल गया है। मुझे सांवरे के दर से, कुछ खास मिल गया है, जो अब तलक ना टूटा …श्याम, जो अब तलक ना टूटा, वो विश्वास मिल गया है, मुझे सांवरे के दर से, कुछ खास…
Man Dhyan Aur Neend | मन, ध्यान और नींद | Rishi Chintan, Gayatri Pariwar !! हम सुधरेंगे-युग ...
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अध्याय 18 श्लोक 70
और मैं घोषित करता हूँ कि जो हमारे इस पवित्र संवाद का अध्ययन करता है, वह अपनी बुद्धि से मेरी पूजा करता है |
अध्याय 18 : उपसंहार - संन्यास की सिद्धि
श्लोक 18.70 अध्येष्यते च य…
भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी हिंदी लिरिक्स
भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी, हर्षित महतारी मुनिमन हारी अद्भुत रूप बिचारी।
लोचन-अभिराम तनु-घनश्यामा निज आयुध भुजचारी, भूषन वनमाला नयन विशाला शोभा सिंधु खरारी।
हे दुःख भंजन मारुति नंदन हिंदी भजन लिरिक्स
कर दुई कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करूं अनंता, माया गुन…
भजन क्यों जरूरी है?
भजन क्यों जरूरी है?
भजन जो आपको भगवान के गुणों पर ध्यान दिलाते हैं, भजन वह हैं जो आपकी चिंताओं और तनाव को दूर करते हैं और आपको शांति देते हैं। अगर आप अच्छे से भजन चुनते हैं तो आपका दिन बहुत अच्छा बन सकता है।
भजन जरूरी क्यों है।
भजन…
अध्याय 18 श्लोक 71
और जो श्रद्धा समेत और द्वेषरहित होकर इसे सुनता है, वह सारे पापों से मुक्त हो जाता है और उन शुभ लोकों को प्राप्त होता है, जहाँ पुण्यात्माएँ निवास करती हैं |
अध्याय 18 : उपसंहार - संन्यास की सिद्धि…
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती लिरिक्स
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती लिरिक्स
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी…..॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना, चंद्र वदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी…..॥
मुझे…
माँ महाकाली के काली पंच बाण स्तोत्र को “काली पंच बाण” के नाम से भी जाना जाता है। जब भी रोजगार संबंधी कोई समस्या हो तो काली पंच बाण स्तोत्र का 11 बार सुबह और 11 बार शाम को जाप करें। यह अपने आप में एक सिद्ध मंत्र है इसलिए इसे सिद्ध करने की आवश्यकता…
अध्याय 18 श्लोक 72
हे पृथापुत्र! हे धनञ्जय! क्या तुमने इसे (इस शास्त्र को) एकाग्र चित्त होकर सुना? और क्या अब तुम्हारा अज्ञान तथा मोह दूर हो गया है ?
अध्याय 18 : उपसंहार - संन्यास की सिद्धि
श्लोक 18.72 कच्चिदेतच्छ्रुतं…
कूर्म का सबसे पहला विवरण शतपथ ब्राह्मण (यजुर्वेद) में मिलता है, जहां वह प्रजापति-ब्रह्मा का एक रूप है और समुद्र मंथन (ब्रह्मांडीय महासागर के मंथन) में मदद करता है। महाकाव्यों और पुराणों में, किंवदंती कई संस्करणों में विस्तारित और विकसित हुई, जिसमें कूर्म विष्णु का अवतार बन गया। वह ब्रह्मांड की नींव और ब्रह्मांड मंथन…
सर्व कामना सिद्धि स्तोत्र Kamna Siddhi Stotra
श्री हिरण्यमयी हस्तिवाहिनी, संपत्तिशक्तिदायिनी |
मोक्षमुक्तिप्रदायिनी सद्बुद्धिशक्तिदात्रिणी || १ ||
सन्ततिसम्वृद्धिदायिनी शुभशिष्यवृन्दप्रदायिनी |
नवरत्ना नारायणी भगवती भद्रकारिणी || २ ||
धर्मन्यायनीतिदा विद्याकलाकौशल्यदा |
प्रेमभक्तिवरसेवाप्रदा राजद्वारयशविजयदा || ३ ||
धनद्रव्यअन्नवस्त्रदा प्रकृति पद्मा कीर्तिदा |
सुखभोगवैभवशान्तिदा साहित्यसौरभदायिका || ४ ||
वंशवेलिवृद्धिका कुलकुटुम्बापौरुषप्रचारिका |
स्वज्ञातिप्रतिष्ठाप्रसारिका स्वजातिप्रसिद्धिप्राप्तिका || ५ ||
भव्यभाग्योदयकारिका रम्यदेशोदयउद्भाषिका…
